इस समय जब अमरीका के आतंकी हमले में जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या के बाद इलाक़े में ईरान और अमरीका का टकराव अपने चरम बिंदु की ओर बढ़ रहा है, ट्रम्प की ओर से इस योजना का एलान सभी फ़िलिस्तीनी संगठनों और फ़िलिस्तीन से लगाव रखने वाली सभी ताक़तों को एकजुट कर देगा और यह सारी ताक़तें ईरान के नेतृत्व में पूरी तरह लामबंद हो जाएंगी।
ईरान पहले ही ठान चुका है कि अमरीका को पश्चिमी एशिया के इलाक़े से बाहर निकालना है ताकि इस इलाक़े में अमरीका की कहीं कोई छावनी न रह जाए और उसका हस्तक्षेप हमेशा के लिए समाप्त हो जाए। सेंचुरी डील के एलान के बाद अब बड़े पैमाने पर यह सोच प्रबल हुई है कि ईरान बिल्कुल सही कहता है कि इलाक़े में अगर शांति चाहिए तो अमरीका को बाहर निकालना पड़ेगा।
इससे पहले भी फ़िलिस्तीन के बारे में अमरीका की ओर से योजनाओं का एलान होता रहा है लेकिन एक अंतर यह है कि इससे पहले के अमरीकी राष्ट्रपतियों ने जब भी किसी योजना का एलान किया तो फ़िलिस्तीन के भीतर एक धड़ा वह भी होता था जो अमरीकी योजना का समर्थन करता था मगर इस समय फ़िलिस्तीन के भीतर कोई भी धड़ा, संगठन या नेता नहीं है जो इस योजना को सहन करने के लिए तैयार हो।
इसलिए अब जो तसवीर नज़र आ रही है उसमें यह बात सब मानने पर मजबूर हैं कि फ़िलिस्तीन के मुद्दे सहित क्षेत्रीय विषयों के बारे में ईरान का नज़रिया बिल्कुल सही है। यह भी नज़र आ रहा है कि अपने इसी नज़रिए से ईरान और उसके घटकों ने इस इलाक़े में लगातार एक के बाद दूसरी सफलता हासिल की है जबकि अमरीका और अमरीकी घटकों को लगातार एक के बाद दूसरी पराजय का सामना करना पड़ रहा है।
अगर यमन पर नज़र डाली जाए तो वहां ईरान का नज़रिया विजयी होता और अमरीका और उसके घटकों की योजना फ़ेल होती नज़र आएगी। सीरिया की स्थिति तो जगज़ाहिर है जहां अमरीका और उसके सारे घटकों को बेहद शर्मनाक शिकस्त उठानी पड़ी है। इराक़ में हालात साफ़ संदेश दे रहे हैं कि वहां अमरीका और उसके घटकों को कोई भी सहन करने के लिए तैयार नहीं है।
अब देखना यह है कि ट्रम्प की घोषणा के बाद इस साज़िश को नाकाम बनाने के लिए ईरान के नेतृत्व वाले मोर्चे की ओर से क्या गतिविधियां शुरू की जाती हैं।
अमरीका और उसके घटक हवा में योजनाएं बनाते हैं लेकिन ईरान और उसके घटक ज़मीन से जुड़े हुए हैं और हालात की धड़कनों पर उनकी गहरी नज़र है। इसलिए कहना पड़ेगा कि एक बार फिर ईरान और उसके घटकों को बड़ी विजय मिलने जा रही है।